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वित्त मंत्री अरूण जेटली के बारे में 9 रोचक तथ्य

केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली को भाजपा की वर्तमान पीढ़ी के सबसे बड़े नेताओं में से एक माना जाता है| उन्हें हर राजनीतिक विषय पर अपने स्पष्ट विचारों एवं वाकपटुता के लिए जाना जाता है। इस लेख में हम अरूण जेटली के बारे में 9 ऐसे रोचक तथ्यों का विवरण दे रहें हैं जिनके बारे में शायद ही आप जानते होंगे|

अरूण जेटली(केन्द्रीय वित्त मंत्री) के बारे में 9 रोचक तथ्य

Image source: News18.com

1. अरूण जेटली भारत के जाने माने वकील भी हैं और 1977 से वकील के रूप में काम कर रहे हैं| उन्होंने कोर्ट में कोका कोला कंपनी और पेप्सिको इंक जैसी बहुराष्ट्रीय कम्पनियों का प्रतिनिधित्व भी किया है। उन्होंने कानूनी और समसामयिक मामलों पर कई पुस्तकें भी लिखीं हैं| उन्होंने जून 1998 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत सरकार का प्रतिनिधित्व किया था जहाँ दवाओं और धन शोधन से संबंधित कानून की घोषणा का अनुमोदन किया गया था|

2. अरूण जेटली अपने कॉलेज जीवन के दौरान एक मेधावी छात्र थे| उन्होंने दिल्ली के “श्री राम कॉलेज ऑफ कॉमर्स” से वाणिज्य में स्नातक की डिग्री और दिल्ली विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है|

3. कॉलेज के दौरान वह दिल्ली विश्वविद्यालय में छात्र संघ के अध्यक्ष बन गए थे| आपातकाल के दौरान वह जेल भी गए थे| जेल से बाहर आने के बाद अरूण जेटली जनसंघ में शामिल हो गए और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के दिल्ली ईकाई के अध्यक्ष बने| बाद में वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के “अखिल भारतीय सचिव” भी बने थे|

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4. जब 1980 में भाजपा का गठन हुआ तो अरूण जेटली को इसके युवा विंग का अध्यक्ष बनाया गया था| जब 1980 और 1990 के दशक में भाजपा अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में भारत में मुख्य धारा की राजनीतिक पार्टी बनने के लिए संघर्ष कर रही थी तो उस समय अरूण जेटली भाजपा की युवा ब्रिगेड को परिपक्व राजनीतिज्ञों में बदलने का कार्य कर रहे थे|

5. 1989 में विश्वनाथ प्रताप सिंह की तत्कालीन सरकार ने अरूण जेटली को अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल नियुक्त किया था और उन्होंने बोफोर्स घोटाले में जाँच के लिए कागजी कार्यवाई की थी।

Image source: DNA India

6. 1999 में जब अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में “राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA)” की सरकार बनी तो अरूण जेटली को कानून एवं न्याय, सूचना एवं प्रसारण तथा विनिवेश मंत्रालय में राज्य मंत्री बनाया गया था| श्री जेटली, अटल बिहारी वाजपेयी के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में से एक थे जिसके कारण उन्हें ठीक एक वर्ष बाद ही कैबिनेट मंत्री के रूप में पदोन्नति दे दी गई थी|

7. श्री जेटली को 2002 तथा 2004 में भारतीय जनता पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया था| 2009 में राज्यसभा में विपक्ष के नेता के रूप में चुने जाने के बाद उन्होंने अपनी पार्टी के “एक व्यक्ति एक पद” के सिद्धांत को मानते हुए महासचिव के पद से इस्तीफा दे दिया था| क्या आप जानते हैं कि 2002 में हुए गुजरात विधानसभा चुनाव में नरेन्द्र मोदी के विजय के योजनाकार अरूण जेटली ही थे| वह अप्रैल 2012 में राज्यसभा में अपने तीसरे कार्यकाल के लिए पुनः निर्वाचित हुए थे|

8. 2014 के लोकसभा चुनाव में श्री जेटली पहली बार किसी चुनाव में उम्मीदवार के रूप में शामिल हुए और उन्होंने अमृतसर सीट से कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह के विरुद्ध चुनाव लड़ा था लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा|

9. क्या आपको पता है कि अरूण जेटली बीसीसीआई के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं? उन्होंने 2014 के आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण के बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया था|

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